सेवा मानकर करना होगा अपने दायित्वों का निर्वहन – कलेक्टर स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अमले के कार्यों की समीक्षा

बड़वानी – हमारा जिला नीति आयोग के आकांक्षी जिले में शामिल है। जिसके चलते हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपने पदीन दायित्वों का निर्वहन, सेवा मानकर करे। जिससे जिला भी स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं में, देश के अग्रणी जिलों में शुमार हो सके। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में जो मैदानी अमला अच्छा प्रदर्शन करेगा, उसे प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं जो बार-बार चेतावनी और समझाईश के बाद भी अपने कार्यों-प्रयासों में सुधार नहीं लाएगा, उसे पद से पृथ्क करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी। मुझे पूरा यकीन है कि दिसम्बर माह के तीसरे शनिवार को होने वाली समीक्षा बैठक में सभी मैदानी अमला अपने लक्ष्यों को पूर्ण कर आगामी 26 जनवरी को प्रशंसा पत्र प्राप्त करने की अर्हता प्राप्त करेगा।
कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा ने शनिवार को पाटी मुख्यालय पर स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के पदाधिकारियों, सुपरवाईजरों, मैदानी अमले के कार्यों के लिए हुई समीक्षा बैठक में उक्त बातें कही। उन्होंने शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने वाली एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा आशा कार्यकर्ता के प्रयासों की भी प्रशंसा की, वहीं जिन क्षेत्रों में अभी भी घर पर प्रसव होते हैं, वहां के मैदानी अमले को हिदायत दी कि वे आगामी बैठक तक शतप्रतिशत प्रसव एवं गर्भवती महिलाओं की होने वाली जांच का लक्ष्य प्राप्त करें, नहीं तो उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

43 कार्यकर्ताओं को हटाया जाएगा पद से

कलेक्टर ने पाटी की 193 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में से अपने मुख्यालय पर नहीं रहने वाली 43 कार्यकर्ताओं को शोकाज नोटिस देने एवं फर भी यदि वे मुख्यालय पर नहीं रहती हैं, तो उन्हें पद से पृथ्क करने की कार्रवाई के भी निर्देश एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रकाश रंगशाही को दिए हैं। इसी तरह कलेक्टर ने दोनों विभागों के सुपरवाईजर एवं खंड स्तरीय पदाधिकारियों को पुन: चेताया कि वे अपने निरीक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को उसी समय गुगल शीट पर दर्ज करें। साथ ही उन्हें निर्देशित भी किया कि वे आपसी समन्वय से कार्य करें, जिससे दोनों विभागों की जानकारी में एकरूपता एवं मैदानी अमले में समन्वय बना रहे।

एप पर दर्ज जानकारी का कराया सत्यापन

कलेक्टर ने एएनएम के टेबलेट पर दर्ज जानकारी का सत्यापन भी एप के माध्यम से कराया। साथ ही ऐसे परिवार जो दूसरे राज्य मजदूरी करने गए हैं एवं उनकी महिलाओं की डिलेवरी उन्हीं राज्यों में हुई हैं। उनके मोबाईल पर काल कराकर भी सत्यापन किया कि उनकी डिलेवरी संस्थागत हुई है या नहीं। गौरतलब है कि अक्टूबर माह में हुई बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी मैदानी अमले को निर्देशित किया था कि आगामी बैठक में संस्थागत प्रसव की संख्या में यदि उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई, तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। जिसका असर इस बैठक में देखने को मिला।

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